Astrology Learning

Vivah rekha


।। Vivah rekha ।।

।। विवाह रेखा ।।

बुध की अंगुली के निचे और ह्रदय रेखा के ऊपर हाथ के बहरी भाग से शुरू होकर आदि रेखा बुध के क्षेत्र पर आए, उसे विवाह रेखा कहते है । 

  • व्यक्ति के हाथ में जितनी रेखाएं हों, उतनी उसकी पत्नियाँ होंगी । स्त्री के हाथ में जितनी रेखाएं होगीं, उतने ही उसके पति होंगे । हिन्दू समाज में बहु विवाह की प्रथा कम है, अन्य रेखाएं विपरीत सैक्स के व्यक्ति से सम्बन्ध होना बताती है ।
  • अगर विवाह रेखा चलती हुई ह्रदय रेखा की और मुड जाए तो जातक की पत्नी जल्दी मरने से रंदुवा होना पड़ेगा । अगर यह रेखा अधिक न मुड़े बल्कि धीरे-धीरे ह्रदय रेखा की और झुकती हुई चले तो जातक की पत्नी की आखिरी बिमारी लम्बी होगी ।
  • अगर ववाह रेखा ऊपर की और मुड जाए तो जातक शादी नहीं कराएगा ।
  • अगर विवाह रेखा ह्रदय रेखा के पास हो तो जातक का विवाह जल्दी हो जाता है ।
  • अगर विवाह रेखा, ह्रदय रेखा और बुध की अंगुली के मूल के मध्य में हो तो जातक की शादी 30 वर्ष की आयु के लगभग होती है ।
  • अगर विवाह रेखा बुध की अंगुली के मूल के पास हो तो जातक का विवाह 35 से 40 वर्ष की आयु के बिच होता है ।
  • यदि ववाह रेखा बुध पर्वत पर अंगुली के मूल के अत्यंत पास हो तो शाली 40 साल की आयु के बाद होती है ।
  • अगर विवाह रेखा उदगम स्थान पर फोर्क बनाए तो जातक की अपनी गलती अथवा कमी के कारण तलक होता है ।
  • यदि विवाह रेखा सूर्य रेखा को स्पर्श करे तो जातक का विवाह किसी प्रसिद्ध एवं धनि व्यक्ति से होता है । अगर विवाह रेखा, सूर्य रेखा को कटे, तो जातक का अनमेल विवाह होता है ।
  • अगर विवाह रेखा, समाप्ति स्थल पर फोर्क बनाएं तो जातक का अपनी पत्नी की गल्ती अथवा कमी से तलक होता है ।
  • अगर विवाह रेखा, समाप्त होने पर फार्क बनाएं जिसकी एक शाखा ह्रदय रेखा की और मुड जाये तो जातक का तलाक जातक के हक़ में होता है ।
  • अगर त्रिभुज से निकलकर विवाह रेखा को काटे जिस पर फोर्क बना हुआ हो तो जातक का पत्नी से तलाक होता है ।
  • अगर विवाह रेखा को, कनिष्ठका अंगुली के मूल से कोई रेखा काटे तो जातक के विवाह का जातक के रिश्तेदार विरोध करेंगे ।
  • विवाह रेखा पर कड़ी रेखाएं संतान की गिनती बताती हैं । जितनी रेखाएं हों, उतने ही बच्चे होंगे । यह रेखाएं इतनी बारीक़ और अस्पस्ट होती हैं की इन्हें दीर्घदर्शी शीशे से देखना पड़ता है । सीधी कड़ी रेखाएं लड़कों की घोतक हैं  जबकि टेढ़ी रेखायें लड़कियों के होने की सूचक हैं ।
  • अगर विवाह रेखा पर काला बिंदु हो तो जातक विधुर / विधवा होती है ।
  • अगर विवाह रेखा पर क्रास का चिन्ह हो और यह रेखा, ह्रदय रेखा की और मुड जाय तो जातक का जिससे विवाह होता है अथवा होना निश्चित होता है, उसकी अचानक म्रत्यु हो जाती है ।
  • यदि विवाह रेखा पर एक द्वीप हो तो वैवाहिक जीवन कलहपूर्ण कहता है ।
  • यदि विवाह रेखा छोटे-छोटे द्वीप हों या छोटी शाखाएं नीचे की और आयें तो जातक का विवाह नहीं होता ।
  • यदि विवाह रेखा, समाप्त होने पर फोर्क बने जिसकी एक शाखा सूर्य पर्वत पर जाए तो जातक का वैवाहिक जीवन कामयाब रहता है।
  • अगर विवाह रेखा अंत में फोर्क बनाए जिसकी निचे की शाखा सूर्य रेखा को कटती हो तो जातक का अनमेल विवाह होता है ।
  • अगर विवाह रेखा टूटी हो तो वियोग अथवा तलाक होता है ।
  • यदि विवाह रेखा टूटी हुई हो परन्तु दौनों टुकड़े एक-दुसरे के समानांतर चेन तो वियोग / तलाक के बाद पुनर्मिलन हो जाता है ।
  • अगर शुक्र पर्वत से कोई प्रभाव रेखा चलकर विवाह रेखा को ताते तो रिश्तेदारों की वजह से जातक का वैवाहिक जीवन दुखमय होता है।
  • अगर विवाह रेखा के साथ अवय स्पस्ट रेखा समानान्तर चले की जातक का प्रेम सम्बन्ध अवय लड़की के साथ शादी के बाद भी चलता रहता है । लड़की के हाथ में हो तो वह भी शादी के बाद अपने पुराने प्रेमी के साथ कायम रखेगी ।