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Shukr Rekha


।। शुक्रमुद्रिका रेखा (शुक्र रेखा ) ।।

शुक्ररेखा ह्रदय रेखा से ऊपर प्रथम और द्वितीय अँगुलियों के बिच शुरू होती हैं तथा तीसरी और चौथी अँगुलियों के बीच समाप्त होती है ।

यह रेखा हर किसी के हाथ में नहीं होती । तिन चर सौ हाथों में किसी एक के हाथ में पाई जाती है ।

शुक्र क्षेत्र का सम्बन्ध ज्योतिष में विषय बसना से है अतः जिन हाथों में शुक्र्मुद्रका रेखा पी जाती है, उनमें कामेच्छा अधिक पाई जाती जय विशेषकर अगर हाथ में शुक्र्पर्वत उन्नत है ।

अगर चौड़े और मोटे हाथ में शुक्र मुद्रिका रेखा हो तो जातक व्यभिचारी होता है ।

पतले और नुकीले हाथों में शुक्र्मुद्रिका रेखा जातक को बुद्धिमान बनती है, जातक को कला और साहित्य में प्रसिद्धि दिलाती है ।

जिनके हाथ में यह रेखा हो, वह शक्की स्वभाव का होता है तथा उसका जीवन सुखमय होता नहीं हैं ।

यदि किसी स्त्री के हाथ में शुक्र मुद्रिका रेखा इतनी बढ़ी हुई हो की बुध रेखा को काटे या स्पर्श करे तो वह अपने पति पर अकारण शक करने लगती है चाहे वह किसी स्त्री से साधारण बात भी करता है ।

अगर शुक्र्मुद्रिका रेखा लाल और गहरे रंग की हो तथा यह भाग्य रेखा एवं सूर्य रेखा को कटे तो जातक की बुद्धि दूषित होती है ; अपनी बुरी प्रव्रत्तियों के कारण अपने भविष्य को धूमिल कर लेता है ।

अगर भाग्य रेखा, सूर्य रेखा, इस शुक्र मुद्रिका रेखा को काट कर आगे बढ़ जाएँ तो जातक शब्दों का धनि, बुद्धिमान, साहित्य और कला में रूचि लेने वाला होता है ।

अगर शुक्र मुद्रिका रेखा दोहरी, तेहरी हो तो जातक अत्यधिक व्यभिचारी होता है ।

यदि शुक्र मुद्रिका रेखा, बुध-पर्वत पर जाकर समाप्त होती हो, तो जातक व्यभिचारी होने के साथ-साथ जातक भोखेबाज, षड्यंत्र रचें वाला होता है ।

अगर शुक्र मुद्रिका रेखा टूटी हुई हो तो जातक में अत्यधिक कामवासना होती है ।

अगर भाग्य रेखा, सूर्य रेखा और स्वास्थ्य रेखा को कटती हुई शुक्र मुदिका रेखा आगे बढे तो जातक की सफलता प्राप्त करने में उसकी वासनात्मक प्रव्रत्ति बाधा डालती है ।

अगर लम्बी विवाह रेखा को शुक्र मुद्रिका रेखा काटते तो जातक पत्थर दिल स्वार्थी प्रक्रति का होता है, जिसको हिस्टीरिया के दौरे पद सकते हैं । इन कमियों के कारण जिसके साथ इसकी शादी होती है, उसका वैवाहिक जीवन दुखमय होता है ।

यदि शुक्र मुद्रिका रेखा को छोटी-छोटी रेखाएं काटें, शुक्र तथा चन्द्र पर्वत उन्नत हों तो जातक की हिंसात्मक वासना की प्रव्रत्ति होती है ।

आगर सूर्य पर्वत के निचे कोई रेखा, शुक्र मुद्रिका रेखा को काटे तो स्त्रियों के कारण जातक की धन हानि हो और कामकाज व्यापर में भी हनी हो ।

अगर दोहरी तेहरी शुक्र मुद्रिका पर तारे का चिन्ह हो तो जातक किसी गुप्त रोग से पीड़ित रहता है जो आसानी से ठीक नहीं होता ।