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Manglik Yog


।। मांगलिक विचार ।।

आधुनिक युग में भी हम अपनी प्राचीन मान्यताओं और रुढियों को तिलांजलि नहीं दे पाए हैं । विवाह के लिए वर-वधू का चुनाव करते समय आजकल जन्मक्षरों से गुण मिलन कराया जाता है । शायद ही कोई ज्योतिषी एसा हो जो इस विधा से अनजान हो ।

मंगल दोष या मांगलिक होना या न होना यह विषय वाद-विवाद एवं मतभेदों से घिरा हुआ है ।

भारतीय ज्योतिष शास्त्र में एक ही मंगल होते हुए भी मंगलीक दोष के नाम पर हो-हल्ला मचा हुआ है, जबकि लाल किताब में शुभ मंगल और अशुभ मंगल विधमान है । फिर भी लाल किताब ने इस समस्या को सस्ते टोटकों द्वारा हल कर लिया है ।

मंगल कब शुभ, कब अशुभ ?

1- दो पापी गृह शनि-रहू , शनि-केतु इकट्ठे हों तो मंगल अशुभ नहीं बनता ।

2-सूर्य-मंगल इकट्ठे हों तो मंगल शुभ होता है ।

3- 1 से 6 घरों में शुक्र हो और बाद के घरों ( 7 से 12 ) में सूर्य हो तो मंगल अशुभ होता है ।

4- सूर्य-शनि इकट्ठे हों तो मंगल अशुभ होता है ।

मंगल जिसके बारहवें घर में हो एसा जातक 28 वर्ष तक अपने बड़े भाई के लिए भारी होता है ।अगर बड़ा भाई किसी तरह बाख गया तो वह निःसंतान और अपनी पत्नी के कारण दुखी होगा ।

7 वें घर या 8 वें घर में मंगल हो और केतु भी अशुभ हो तो जातक के रिश्तेदारों के लिए मंगल अशुभ फलदायी होगा ।

12 वें घर में मंगल जातक की रिश्तेदार स्त्रियों के लिए भरी होता है । उनकी म्रत्यु हो सकती है ।

मंगल 7 वें घर में होने पर जातक की माता, नानी, सास, पति-पत्नी के लिए अशुभ होगा ।

इससे अलग कई बार जन्मकुंडली में मंगल अशुभ या मंगली योग नहीं हो तो भी अशुभ मंगल होने के निम्न कारण हो सकते हैं :

1- माकन की जमीन 8-18 से 3-93 कोण में माकन में स्दार्खाना होगा या तहखाना कुएं से सत्कर होगा ।

2- दक्षिण के दरवाजे में या घर से निकलते समय दाई और रसोई हो तो बाई और स्नानग्रह हो ।

3-  माकन के ऊपर वृक्ष का साया या ढाक, बेरी, बबूल का वृक्ष आँगन में या माकन के सामने, साथ में या माकन की पिछली दीवार से सता हुआ पीपल का पेड़ कटा हुआ हो ।

4- घर के दायें-बाएं आग के काम यानी भड़भूजे की भट्ठी, बेकरी, हलवाई की भट्ठी हो या शमशान साथ लगता हो ।

5- निःसन्तान से जगह खरीदकर या लेकर माकन बनाया हो । कुएं पर ढाल डालकर माकन बनाया हो ।

6- गली या रस्ते को पाटकर छत पर माकन बनाया हो या एसा माकन हो जिसमें बहार से अंदर सीधी हवा आती हो और खिड़कियाँ तथा दरवाजे दक्षिण दिशा में हों ।

उपरोक्त स्थिति में ( 1 से 5  ) मंगल अमंगलकारी होता है ।

सामान्य उपाय:-

1- लम्बी बीमारी से जातक पीड़ित हो तो म्र्ग्चार्म पर सोएं ।

2- सन्तान अथवा पत्नी की सेहत ख़राब हो तो तंदूर में मीठी रोटियां बनाकर कुत्तों को खिलाएं ।

3- जौ को दूध से धो कर बहते पानी में प्रवाहित करें ।

4- जौ गौमूत्र में धोकर लाल कपडे में बाधकर बीमारी के सिरहाने रखें ।

5- तिल-गुड की रेवड़ियाँ पानी में प्रवाहित करें या नाभि पर केसर लगाएं ।

6- गुड या शक्कर पानी में प्रवाहित करें ।

7- घर की तलहटी में तंदूर की या रसोई की भट्टी न लगाएं ।

8- काले, काने एवं निह्स्न्तन से दूर रहें ।

9- जिस माकन के दरवाजे दक्षिण दिशा में हों उसमें न रहें ।

10- ढाक का वृक्ष मकान में या मकान की चारदीवारी से सटकर न हो ।

मंगलीक दोष तलने के टोटके:-

जब कोई विपत्ति आती है तो गृह्गोचार या मूल जन्मकुंडली के गृह योगों के कारण जातक को जीवन में मिलनेवाला सुख उसका साथ छोडकर चला जाता है और दुःख उसके साथ रह जाता है । भाग्य की अभेलना दूर हो, ग्रहों की पीड़ा दूर हो इसलिए हमारे प्राचीन ज्योतिष शास्त्र में चर रस्ते बताए हैं । स्नान, जप-जाप, व्रत और दान । तंत्र-मन्त्र दे अलावा टोटके भी बहुत ही अक्सीर काम करते हैं टोटके में एसा क्यों ? के लिए कोई गुंजाईश नहीं है ।

श्रद्धा के साथ अपनाया गया टोटका रामबाण दावा की तरह असर करता है ।

भनुभुत टोटके

1- सदाचार का पालन करें । अपने चरित्र को ऊँचा उठाएं ।

2- कभी झूठ न बोलें, झूठी गवाही न दें ।

3- किसी को अपशब्द या गली केकर उसके मन को दुखी न करें ।

4- मांसाहार एवं शराब सेवन न करें ।

5- किसी से झूठ बोलकर उससे कुछ न मांगें ।

6- निःसन्तान से संपत्ति-जायदाद-जमीं न खरीदें ।

7- दक्षिण दिशा में प्रवेश द्वार्वाले माकन में न रहें ।

8- काले, काने, गंजे और नपुंसक व्यक्ति से दूर रहें ।

9- पराई स्त्री की लालसा ( वासना ) न रखें )

10- सुबह-सुबह शहद का सवः करें ।

11- मिष्ठान बनाकर दूसरों को खिलाएं और स्वयं भी खाएं ।

12- आनंद के क्षणों को द्विगुणित करने के लिए मिठाई बाँटें ।

13- घर में आए मेहमान को मीठा खिलाएं । उसे चाय पिलाकर सौंफ और मिश्री खाने को दें ।

14- बहन-बेटियों को मिठाइयों डा उपहार दें ।

15- साली, मौसी या बुआ के घर जाएँ तो मिठाई साथ लेकर जाएँ ।

16- पत्नी का यथोचित मान रखें । उसे सुख-आराम पहुचाएं ।

17- भाई की सन्तान की पालना करें ।

18- बड़े भाई, ताऊ और मामा की सेवा करें ।

19- विधवा स्त्रियों की यथासंभव सेवा करें ।

20- हाथी दांत या हाथी दांत से बनी कोई चीज घर में न रखें ।

21-जंग लगा हुआ लोहे का औजार या शास्त्र घर में न रखें ।

22- हनुमान चालीसा का पाठ करें ।

23- हनुमानजी को चूरमे के लड्डू का भोग ( नैवेध ) दें और औरों को भी यह प्रसाद बांटें ।

24-हनुमानजी के शारीर को सिंदूर लगाएं ।

25- गायत्री मन्त्र का कम से कम ३४ वार जाप करें ।

26- दुर्गा पाठ या सप्तशती पाठ करें ।

27- रामायण या सुंदर कांड का पाठ करें ।

28- लाल रुमाल पास में रखें ।

29- विना जोड़ का चांदी का छल्ला पहनें ।

30- तांबे या सोने की अंगूठी पहनें । चाँदी के कड़े में तांबे की मेख जड्वाकर कडा पहिनें ।

31- चाँदी की चूड़ी पर लाल रंग चाद्वाक्र पत्नी को पहनाएं ।

32-बन्दर घर में पालें या बंदरों को चना-गुड खिलाएं ।

33- तंदूर पर मीठी रोटी बनवाकर कुत्तों को दें ।

34- मंदिर में मीठा भोजन बाटें ।

35- शक्कर बहते पानी में प्रवाहित करें ।

36- माकन की एक दीवार कच्ची बनाकर उसे गिरवा दें ।

37- घर-दफ्तर में जोकर रखें ।

38- दुल्हन या घर के किसी को नजर लग जाए तो उस व्यक्ति पर से 7 बार थोड़ी-सी शक्कर उतारकर वह शक्कर बाथरूम में बहा दें ।

उपरोक्त टोटके अनुभूत सिद्ध है । जन्मकुंडली को धयान में रखकर टोटकों का चुनाव करना अधिक लाभदायक रहेगा । टोटकों का चुनाव करने के लिए यहाँ एक तालिका दी जा रही है, जिससे टोटके का चुनाव आसानी हों सकेगा । घावों के निचे जो संख्या है वह टोटका संख्या है ।