Home » Hastrekha

Hastrekha

hastrekha

Nakhun dekh kar jaane apna bhagya

हाथ के नाख़ून हाथ के नाखूनों से जातक के स्वभाव की सौभाग्य का पता चलता है । अँगुलियों का प्रभाव भाग जितना  लम्बा हो, उसकी आधी लम्बाई नाखूनों की होना उत्तम माना गे है । यह आगे की और कुछ बड़े, पीछे की और कुछ छोटे होने चाहिए । अगर यह निर्मल तथा ललाई लिए हुए है और इनकी उचाई कछुए की पीठ की तरह… Read More »Nakhun dekh kar jaane apna bhagya

9 planets

।।ग्रहों के आधार पर दिन, खान-पान, रहन-सहन ।। उत्तर भारत में नए वस्त्र या ज्जवाह्रत धारण करने के लिए बुधवार, शनिवार, शुक्रवार के दिन अच्छे माने जाते हैं । बुध-शनि शुक्र के मित्र हैं ।  इसी तरह अन्य कार्यों के लिए दिन नियत हैं । चन्द्र-दिन-सोमवार : यदि जातक का चन्द्र निर्वल हो तो सोमवार के दिन दूध-चावल की खीर का भोजन करें । खीर में… Read More »9 planets

Kiro hastrekha in hindi

दाहिना और बायां हाथ दाहिने और बाएं हाथ के अंतर को समझना भी हस्त परीक्षा में बहुत महत्वपूर्ण है । जो भी देखेगा वह विस्मय करेगा की एक ही व्यक्ति के दोनों हाथ एक-दूसरे से बिल्कुल विभिन्न होते हैं । यह भिन्नता अधिकतर रेखाओं के रूपों, उनकी स्थितियों तथा चिन्हों में होती है । हमने ओ नियम अपनाया है उसके अनुसार दोनों हाथों की परीक्षा… Read More »Kiro hastrekha in hindi

Vrat ke niyam

।। व्रत के नियम ।। व्रत करने वाले व्यक्ति को क्रोध, लोभ, मोह, आलस्य, चोरी, इर्ष्या आदि नहीं करना चाहिए । व्रती को क्षमा, दया, दान, शौच, इन्द्रिय निग्रह देव पूजा, अग्नि होत्र और संतोष से काम करना उचित और आवश्यक है । व्रत के समय बार-बार जल पीने, दिन में सोने, तम्बाकू चवाने और स्त्री सहवास करने से व्रत बिगड़ जाता है । जल,… Read More »Vrat ke niyam

Durga chalisa

।। दुर्गा चालीसा ।। नमो नमो दुर्गे सुख करनी । नमो नमो अम्बे दुःख हरनी ।। निरंकार है ज्योति तुम्हारी । तिहुं लोक फैली उजियारी ।। शशि ललाट मुख महा विशाला । नेत्र लाल भ्रकुटी विकराला ।। रूप मातु को अधिक सुहावे । दरश करत जन अति सुख पावे । तुम संसार शक्ति लय कीन्हा । पालन हेतु अन्न धन दीन्हा ।। अन्नपूर्णा हुई जग… Read More »Durga chalisa

Hanuman chalisa

Shri Hanuman chalisa ।। दोहा ।। श्री गुरु चरन सरोज रज निज मनु सुधारि । बरनऊ रघुवर बिमल जसु जो दायकु फल चारि ।। बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौं पवन-कुमार । बल, बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार ।। ।। चौपाई ।। जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीस तिहूँ लोक उजागर ।। राम दूत अतुलित बल धामा । अंजनि पुत्र पवनसुत नामा ।।… Read More »Hanuman chalisa